अंबेडकरनगर जिले में बिना मान्यता के चल रहे अवैध विद्यालयों और निजी कोचिंग संस्थानों पर अब कड़ा प्रहार होने जा रहा है। माध्यमिक शिक्षा परिषद के निर्देशों के बाद जिला प्रशासन ने इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए सख्त कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है।
जिले में फैल रहे अनियमित और गैर-कानूनी शिक्षण संस्थानों पर लगाम कसने के लिए आठ विशेष जांच टीमें गठित की गई हैं। इन टीमों को अलग-अलग ब्लॉकों में भेजा गया है, जहां वे अवैध रूप से संचालित स्कूलों और कोचिंग सेंटरों की गहन जांच करेंगी और अपनी रिपोर्ट प्रशासन को सौंपेंगी।
जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) प्रवीण कुमार तिवारी ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि बिना मान्यता के संचालित किसी भी विद्यालय या नियमों का उल्लंघन करने वाले कोचिंग संस्थान को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने ऐसे सभी संचालकों को तत्काल अवैध गतिविधियां बंद करने के निर्देश दिए हैं, अन्यथा उनके खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
इन जांच टीमों में राजकीय विद्यालयों के प्रधानाचार्य, प्रवक्ता और शिक्षक शामिल किए गए हैं। इन्हें अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित निरीक्षण और सत्यापन की जिम्मेदारी दी गई है। निर्देश दिए गए हैं कि जहां भी अवैध संचालन मिले, वहां तुरंत कार्रवाई करते हुए संस्थान को बंद कराया जाए। जरूरत पड़ने पर पुलिस बल की सहायता लेने के भी निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन ने निगरानी प्रक्रिया को और सख्त बनाते हुए सभी टीमों को हर माह के अंतिम सप्ताह में अपनी रिपोर्ट निर्धारित प्रारूप में जमा करने का आदेश दिया है।
डीआईओएस ने जोर देकर कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप जिले में अनुशासित और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करना सर्वोच्च प्राथमिकता है। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ किसी भी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जाएगी।
इस कार्रवाई से जिले में शिक्षा के नाम पर चल रहे अवैध कारोबार पर बड़ा असर पड़ने की उम्मीद है, और छात्रों को एक सुरक्षित व मान्यता प्राप्त शैक्षिक माहौल मिल सकेगा।
