6 महीने बाद खुला टांडा-कलवारी पुल, अब सफर होगा आसान और तेज

अंबेडकरनगर और बस्ती को जोड़ने वाला बहुप्रतीक्षित टांडा-कलवारी पुल आखिरकार मरम्मत के बाद फिर से चालू होने जा रहा है। करीब छह महीने तक बंद रहने के बाद 1 अप्रैल से इस अहम मार्ग पर वाहनों का आवागमन बहाल कर दिया जाएगा। पुल के खुलने की खबर से स्थानीय लोगों, व्यापारियों और रोजाना सफर करने वालों में खुशी की लहर दौड़ गई है।

दरअसल, इस पुल की मरम्मत का कार्य राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा कराया गया, जिसमें पुल की मजबूती बढ़ाने के साथ-साथ फर्श का पूरी तरह नवीनीकरण किया गया है। अधिकारियों के अनुसार, अब पुल पहले से ज्यादा सुरक्षित और मजबूत हो गया है। फिलहाल अंतिम चरण की साफ-सफाई का काम जारी है और तय समय के अनुसार इसे आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा।

यह पुल अंबेडकरनगर और बस्ती के बीच जीवनरेखा माना जाता है। इसके बंद होने से लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। यात्रियों को करीब 70 किलोमीटर लंबा अतिरिक्त रास्ता तय करना पड़ता था, जिससे समय और ईंधन दोनों की खपत बढ़ रही थी। वहीं, स्थानीय दुकानदारों और छोटे कारोबारियों की आमदनी पर भी इसका सीधा असर पड़ा था।

अब पुल के शुरू होने से अंबेडकरनगर से प्रयागराज, वाराणसी, विंध्याचल, जौनपुर, सुल्तानपुर और प्रतापगढ़ जैसे प्रमुख शहरों की दूरी कम हो जाएगी। साथ ही बस्ती, गोरखपुर, संतकबीरनगर, सिद्धार्थनगर और नेपाल तक का सफर भी पहले की तुलना में काफी आसान और तेज हो जाएगा।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यह पुल सिर्फ एक रास्ता नहीं, बल्कि उनकी रोजमर्रा की जिंदगी और रोजगार से जुड़ा अहम जरिया है। लंबे इंतजार के बाद पुल का दोबारा खुलना उनके लिए किसी राहत से कम नहीं है।

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