अम्बेडकरनगर में पुलिसकर्मी रिश्वत मांगते हुए पकड़ा गया, एसपी ने तत्काल निलंबित किया

अम्बेडकरनगर जिले के अकबरपुर कोतवाली में एक मुख्य आरक्षी पर गंभीर आरोप लगे हैं। चोरी हुई बाइक बरामद कराने के नाम पर उन्होंने पीड़ित से रिश्वत मांगी, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। यह घटना पुलिस विभाग की छवि के लिए चिंता का विषय बन गई है।

वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि मुख्य आरक्षी धर्मेंद्र सरोज पीड़ित से बाइक बरामद कराने के लिए 15,000 रुपये की मांग कर रहे हैं। इस मामले ने आम जनता के बीच पुलिस के प्रति सवाल खड़े कर दिए और तुरंत जांच की आवश्यकता को जन्म दिया।

पुलिस अधीक्षक अभिजीत आर. शंकर ने इस घटना की गंभीरता को देखते हुए तुरंत संज्ञान लिया। वायरल वीडियो की जांच के बाद आरोपों की पुष्टि होने पर मुख्य आरक्षी को तत्काल निलंबित कर दिया गया और उनके खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई।

एसपी अभिजीत आर. शंकर ने स्पष्ट किया कि पुलिस विभाग में भ्रष्टाचार और अनैतिक कृत्यों के लिए कोई स्थान नहीं है। उन्होंने कहा,

"भविष्य में कोई भी पुलिसकर्मी यदि भ्रष्टाचार या अनुचित व्यवहार में लिप्त पाया गया, तो उसके खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की जाएगी। जनता के प्रति हमारी जवाबदेही सर्वोपरि है और किसी भी कीमत पर भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।"

पुलिस अधीक्षक के इस कड़े संदेश से यह साफ हो गया है कि विभाग पारदर्शिता, ईमानदारी और अनुशासन बनाए रखने के लिए कटिबद्ध है। उनका यह कदम न केवल दोषी अधिकारी को जिम्मेदार ठहराने के लिए है, बल्कि आम जनता का पुलिस पर विश्वास बनाए रखने के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

इस घटना ने जिले में एक बार फिर यह संदेश दिया है कि सभी नागरिकों के लिए कानून और सुरक्षा समान रूप से लागू है और पुलिस विभाग किसी भी प्रकार के भ्रष्टाचार को गंभीरता से लेता है।

अम्बेडकरनगर में यह मामला अब न केवल स्थानीय चर्चा का विषय बन गया है, बल्कि सोशल मीडिया पर भी पुलिस के कामकाज और ईमानदारी को लेकर बहस चल रही है।

और नया पुराने