शिक्षा, डीबीटी, निपुण भारत, ऑपरेशन कायाकल्प और बालिका शिक्षा पर हुआ व्यापक मंथन
टाण्डा (अम्बेडकरनगर) विकास खण्ड में ग्राम प्रधानों एवं स्थानीय प्राधिकारी-निकाय के सदस्यों के लिए आयोजित ब्लॉक स्तरीय संगोष्ठी एवं उन्मुखीकरण कार्यक्रम शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में सम्पन्न हुआ।
उक्त कार्यक्रम में मुख्य अतिथि श्री कपिल देव वर्मा, पूर्व प्रत्याशी विधान सभा टाण्डा एवं पूर्व जिला अध्यक्ष भाजपा अम्बेडकरनगर ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारम्भ किया और शासन द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्रदान की। स्वागत गीत श्री शब्बीर अहमद द्वारा प्रस्तुत किया गया। खण्ड शिक्षा अधिकारी श्रीमती मनीषा ओझा ने उपस्थित ग्राम प्रधानों और सभासदों का भव्य स्वागत किया तथा योजनाओं के उद्देश्यों और जमीनी स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन की जानकारी दी तीन वर्ष पूर्व के डेटा एवं अद्तन के डेटा के बारे में प्रभावी क्रियान्वयन की पूर्ण जानकारी दी । कार्यक्रम का संचालन श्रीमती नीरा तिवारी ने किया।
संगोष्ठी का शुभारम्भ थर्मल प्रोजेक्ट के बच्चों और उच्च प्राथमिक विद्यालय फतेहपुर के छात्रों द्वारा प्रस्तुत स्वागत गीत, नाटक, कविता, नृत्य, योग एवं अन्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से हुआ, जिसने उपस्थित अतिथियों को भावविभोर कर दिया।
कार्यक्रम में डीबीटी योजना के अंतर्गत छात्रों को निःशुल्क यूनिफॉर्म, जूता-मोजा, स्कूल बैग, स्वेटर और स्टेशनरी सामग्री के लिए अभिभावकों के आधार-सीडेड बैंक खातों में सीधे प्रेषित धनराशि की जानकारी दी गई तथा ग्राम प्रधानों से अपील की गई कि वे इस धनराशि का उपयोग बच्चों की शैक्षिक आवश्यकताओं में ही करें।
ऑपरेशन कायाकल्प के अंतर्गत परिषदीय विद्यालयों में 19 मूलभूत अवस्थापना सुविधाओं की पूर्णता, विद्यालयों का आधुनिकीकरण, बाल-मैत्रिक एवं दिव्यांग सुलभ संरचनाओं का विकास, मिड-डे-मील शेड, किचन गार्डन, हैंडवॉशिंग यूनिट और स्वच्छ एवं सम्मानजनक भोजन व्यवस्था पर चर्चा की गई।
निपुण भारत मिशन के तहत बच्चों में पढ़ने-लिखने और गणितीय बुनियादी दक्षताओं को ग्रेड स्तर तक विकसित करने के उद्देश्य से संरचित शिक्षण पद्धति, शिक्षक संदर्शिका, टीएलएम, गणित व विज्ञान किट, ऑफलाइन एवं ऑनलाइन शिक्षक प्रशिक्षण, स्मार्ट क्लास, टैबलेट वितरण, दीक्षा एवं रीड-अलॉन्ग ऐप के माध्यम से डिजिटल लर्निंग तथा विद्या समीक्षा केन्द्र के जरिए डेटा आधारित अनुश्रवण की जानकारी दी गई।
साथ ही विद्यालय प्रबंधन समिति के सशक्त गठन, ग्राम पंचायत विकास योजना में विद्यालय से संबंधित प्रस्तावों को सम्मिलित करना, आउट ऑफ स्कूल व ड्रॉपआउट बच्चों का चिन्हांकन व पुनः नामांकन, नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करना, बालिका शिक्षा को बढ़ावा देना, सामाजिक भेदभाव समाप्त करना, बाल विवाह रोकना और दिव्यांग बच्चों के लिए स्टाइपेंड, विशेष प्रशिक्षक एवं शैक्षिक सहायता उपलब्ध कराने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गंभीर मंथन किया गया।
कार्यक्रम के अंत में खुले प्रश्नोत्तर सत्र के माध्यम से ग्राम प्रधानों ने अपने सुझाव प्रस्तुत किए और सभी ने शिक्षा के क्षेत्र में सामूहिक सहभागिता से सकारात्मक बदलाव लाने का संकल्प व्यक्त किया।
उक्त अवसर पर ए.आर.पी.गण, नोडल संकुल शिक्षकगण, संकुल शिक्षागण, प्रधानाध्यापकगण, ग्राम प्रधानगण और बी.आर.सी. के समस्त स्टाफ उपस्थित रहे। खण्ड शिक्षा अधिकारी ने कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए सभी को धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कार्यक्रम का समापन किया।
