अंबेडकर नगर में आयोजित तीन दिवसीय श्रवण धाम महोत्सव आज अपने तीसरे और अंतिम दिन में प्रवेश कर चुका है। स्थानीय संस्कृति, परंपराओं और सामाजिक एकता को सशक्त करने के उद्देश्य से आयोजित यह महोत्सव पूरे क्षेत्र के लिए सांस्कृतिक उत्सव का रूप ले चुका है।
महोत्सव के अंतिम दिन आज शिव बाबा धाम तक आयोजित होने वाली हाफ मैराथन ‘रन फॉर कल्चर’ विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगी, जिसमें बड़ी संख्या में धावकों की सहभागिता अपेक्षित है। इसके साथ ही सामूहिक श्री हनुमान चालीसा पाठ, श्रमिक एवं युवा सम्मेलन, विभिन्न विद्यालयों के छात्रों द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, पुरस्कार वितरण एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया जाएगा।
इससे पहले महोत्सव के दूसरे दिन दीपोत्सव के भव्य आयोजन के उपरांत तमसा नदी के तट पर दिव्य आरती संपन्न हुई। वाराणसी से आए डमरू दल ने मंत्रोच्चार, शंखनाद और डमरुओं की गूंज के बीच विधिवत तमसा आरती कराई। इस अलौकिक आयोजन ने श्रद्धालुओं को गहरी आध्यात्मिक अनुभूति से भर दिया।
दूसरे दिन का एक और प्रमुख आकर्षण रहा सुप्रसिद्ध कवि कुमार विश्वास और उनकी टीम द्वारा प्रस्तुत काव्य पाठ। देशभक्ति, सामाजिक चेतना और मानवीय संवेदनाओं से सजी कविताओं ने श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। कविताओं के प्रत्येक भाव पर तालियों की गड़गड़ाहट पूरे वातावरण में गूंजती रही।
आज सायंकाल लोकनृत्य प्रस्तुतियों और भव्य रामलीला मंचन के साथ महोत्सव का उत्साह अपने चरम पर पहुंचेगा। रात्रि में आयोजित भव्य समापन समारोह के साथ श्रवण धाम महोत्सव–2026 का आधिकारिक समापन किया जाएगा।
श्रवण धाम महोत्सव न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बना है, बल्कि यह आयोजन क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत को नई पहचान देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
